AAJ KI BAT शक्ल सूरत की बात नहीं, बंदा हो धनवान-SUSHIL KUMAR

दूल्हा ऐसा चाहिए, जो धन दौलत की खान। 
शक्ल सूरत की बात नहीं, बंदा हो धनवान।।

बंदा हो धनवान कि मैया, एमएनसी में हो एम्प्लाई।
डांटो तो बुरा ना लगे, और दे नो रिप्लाई।।

कह दिनकर कविराय, कि भैया सूरत में क्या रक्खा है। 
बीवी की सेवा करे, जो सचमुच जीवन सक्खा है।।

घूस खिलाए काम बने, हर कोई घूस खिलाए। 
बार-बार के घूसते, सकल काम होई जाए।।

रिश्वत को थू-थू करे, खाना चाहे सब कोई। 
एक बार जब स्वाद चखा तो फिर डर काहे का होई।।

देखन में लागे बुरी, रक्खन में डर नाही।
पैसन से लाकर भरे, फिर सच्चा बन जाई।।

Written by...sushil kumar
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