गुजारा भत्ता दे जिंदगी
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झूठ-मूठ ही सही, बस एक पल मुस्कुरा दे जिंदगी
क्यों जरुरी है कि सदा आँखें दिखाकर डरा दे जिंदगी
स्केच धुंधले हैं तो ठीक ठीक रंग हम कैसे भरें भला
तूने बनाई है यह पहेली तू ही इसे सुलझा दे जिंदगी !
दुनिया के अरबों कानों की फरियाद बस इतनी सी है
धून बदल, शब्द बदल कोई नया गीत गा दे जिंदगी
जागता आदमी जो मांगता है उसे मिलता ही नहीं है
ख़्वाबों में ही सही अलादीन का चिराग ला दे जिंदगी !!
तू साथ रहती है तो भूख-प्यास भी लगती है
जब तक तू जिलाए तब तक गुजारा भत्ता दे जिंदगी !!?!!
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झूठ-मूठ ही सही, बस एक पल मुस्कुरा दे जिंदगी
क्यों जरुरी है कि सदा आँखें दिखाकर डरा दे जिंदगी
स्केच धुंधले हैं तो ठीक ठीक रंग हम कैसे भरें भला
तूने बनाई है यह पहेली तू ही इसे सुलझा दे जिंदगी !
दुनिया के अरबों कानों की फरियाद बस इतनी सी है
धून बदल, शब्द बदल कोई नया गीत गा दे जिंदगी
जागता आदमी जो मांगता है उसे मिलता ही नहीं है
ख़्वाबों में ही सही अलादीन का चिराग ला दे जिंदगी !!
तू साथ रहती है तो भूख-प्यास भी लगती है
जब तक तू जिलाए तब तक गुजारा भत्ता दे जिंदगी !!?!!

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