ज्यादा नहीं पूछता, छोटी सी बात बताये माँ-पापा
जब तुम्हें झगड़ना था तो मुझे क्यों लाये माँ-पापा
गर नहीं दे सकते गोदी के साथ बाहों का सहारा
तो फिर कहो किस हैसियत से कहलाये माँ-पापा
मैंने सब कुछ देखा, मेरी रोती हुई आंखें गवाह हैं
आप दोनों ने एक दूसरे पर हाथ उठाये माँ-पापा
तुम्हारी दूरियों की आग में मैं भी झुलस जाऊँगा
मेरी खातिर एक छत के नीचे आ जाये माँ-पापा
माँ-बाप ने अगर वक्त पर नहीं थामी उंगली
वो बच्चे फिर कभी लौटकर घर नहीं आये माँ-पापा !!?!!

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