हिन्दू वोट, मुस्लिम वोट, अलाना-फलाना वोट है
हम सब वोटों के सौदागर हैं, हमें कमाना वोट है
किसान मरे, जवान मरे या फिर कोई विद्वान मरे
हमें जिंदगियों से क्या काम हमें बचाना वोट है
वोट खाते हैं, पहनते-ओढ़ते भी हैं वोट ही हम
आरती - अजान वोट, हमारा गंगा नहाना वोट है
लोकतंत्र को हमने किया है बदसूरत हा हा हा
मुल्क के नागरिक को हमने सिर्फ माना वोट है
हम रोयें, हंसे. गायें, नाचें या उछले-कूदें
हमारी हर हरकत का मकसद सिर्फ पाना वोट है !!?!!

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