Meri BIWI Samvidhan si Pyari hai


तिरंगे सी गरिमापूर्ण, राष्ट्रगान सी मनोहारी है

मेरी बीवी मुझे देश के संविधान सी प्यारी है

मूल अधिकारों सी जरुरी है घर के विकास में

नीति निर्देशक तत्वों की तरह वह न्यारी है

सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न है वो चाहरदीवारी में

आपातकालीन शक्तियाँ उसके हाथों में सारी है

वही तो है न्यायपालिका का सर्वोच्च शिखर

उसके हर फैसले में विधि की समझदारी है

घर की संसद में प्राप्त है उसे बहुमत

वही जीतती है उसे मिलता समर्थन भारी है !!?!!
Previous
Next Post »
0 Komentar