WAKT TO LAGTA HAI



पानी को बरफ में बदलने में वक्त तो लगता है

ढले हुए सूरज को निकलने में वक्त तो लगता है

थोड़ा धीरज रख, थोड़ा और जोर लगाता रह तू

जंग लगे दरवाजे को खुलने में वक्त तो लगता है

कुछ देर रुकने के बाद फिर से चल पड़ना प्यारे

हर ठोकर के बाद सम्भलने में वक्त तो लगता है

बिखरेगी फिर वही चमक तेरे वजूद से देखना

टूटे हुए मन को संवरने में वक्त तो लगता है

जो तूने कहा है वो तू कर दिखायेगा है यकीन

गरजे बादल को बरसने में वक्त तो लगता है

खुशी आ रही है, आएगी, इन्तजार कर

जिद्दी दुख-दर्द को टलने में वक्त तो लगता है !!?!!
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