पता नहीं यार कि ये आज कि कल खत्म हो जाए
जिंदगी को जी ले ये जाने किस पल खत्म हो जाए
खत्म होना इसकी आदत है खत्म तो हो ही जायेगी
कर दुआ अपने खुदा से कि ये सफल खत्म हो जाए
सदियों तक जिंदा रहे तेरा वजूद चन्दन सा महके
भले ही तेरा बैंक बेलेंस और महल खत्म हो जाए !!
महज साँसें ही जिंदा होने की पहचान कहाँ होती हैं
तब मृत मान लेना जब आँखों का जल खत्म हो जाए
तेरे अल्फाज जिंदा हैं इसे तू यूं जान लेना
तालियाँ बजने लगे जब तेरी ग़ज़ल खत्म हो जाए !!?!!
जिंदगी को जी ले ये जाने किस पल खत्म हो जाए
खत्म होना इसकी आदत है खत्म तो हो ही जायेगी
कर दुआ अपने खुदा से कि ये सफल खत्म हो जाए
सदियों तक जिंदा रहे तेरा वजूद चन्दन सा महके
भले ही तेरा बैंक बेलेंस और महल खत्म हो जाए !!
महज साँसें ही जिंदा होने की पहचान कहाँ होती हैं
तब मृत मान लेना जब आँखों का जल खत्म हो जाए
तेरे अल्फाज जिंदा हैं इसे तू यूं जान लेना
तालियाँ बजने लगे जब तेरी ग़ज़ल खत्म हो जाए !!?!!

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