गर तुम्हारा लाड़ला हूँ तो पिता की भी धड़कन हूँ मैं
ममता की देवी तुम्हारी लोरियों की गर चाहत हूँ मैं
तो सुनो श्रम का पसीना बहाते पिता की राहत हूँ मैं
गर तुम्हारा दूध अमृत मुझे जीवन से जोड़ रहा है
तो मत भूलो खून पिता का मेरी रगों में दौड़ रहा है
वो हमसे बहुत दूर अकेले जिंदगी से लड़ रहे हैं माँ
उनके बालों में सफेदी के अंश बहुत बढ़ रहे हैं माँ
पिता पहल कर रहे हैं तो तुम भी कदम बढ़ाओ माँ
जन्मों के बन्धन को एक जन्म में न ठुकराओ माँ
कोर्ट कचहरी, भरण पोषण, मुकदमे सब व्यर्थ हैं माँ
सब मिलजुलकर रहें तो जीवन के अर्थ हैं माँ
मैं बहुत छोटा बच्चा हूँ अभी तुम्हें समझाने के लिए
कोशिश पूरी करूंगा दोनों को एक साथ पाने के लिए !!?!!

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