बहुत चाहत थी कि मैं तुम्हारे लिए घोड़ा बनूं बेटा
राह में आने वाली बाधाओं के लिए हथोड़ा बनूं बेटा
सोचा था तुम्हें महान कथाओं से संस्कार दूंगा बेटा
ध्रुव, प्रहलाद, श्रवण, बीरबल का उपहार दूंगा बेटा
मेरी उंगली थामकर चलो, गिरो तो तुरंत संभाल लूँ
सूर्य से ज्यादा चमको तुम तुम्हें इस कदर उजाल लूँ
जिंदगी आसाँ नहीं इसके कठिन सबक सीख सको
कैसा भी जलजला आये तुम दृढ़ता से टीक सको
तुम खूब पढ़ो किताबें इस दुनिया जहान की बेटा
कला, धर्म, दर्शन, संगीत, तर्क, विज्ञान की बेटा
रंग रूप यौवन से ज्यादा कीमत है ज्ञान की बेटा
जिंदगी संवारना ये जिंदगी देन है भगवान की बेटा
सॉरी बेटा, मैं तुम्हारे लिए कुछ ख़ास कर नहीं सका
तुम्हारी नन्ही आँखों में बड़े बड़े ख्वाब भर नहीं सका
कंधे पर बैठाकर आसमान का स्पर्श नहीं करा सका
जिस तरह मैं चाहता था वैसा उत्कर्ष नहीं करा सका
इससे पहले मैं कुछ करता हमारी राह बदल गयी
तुम्हारी माँ तुम्हें लेकर मुझसे बहुत दूर चल गयी
तुम्हारे हिस्से का मैं तुम्हें मिल सका नहीं हूँ बेटा
अभी मैं थोड़ा शेष हूँ अभी बहुत थका नहीं हूँ बेटा
जब चाहो तब आ जाओ घर की राहें खुली हुई हैं
तुमको समेट लेने के लिए मेरी बाहें खुली हुई हैं .!!?!!

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