चलो भाषण भाषण खेलें और खूब धींगा-मस्ती करें
लात मुक्को से संसद में अवाम की सरपरस्ती करें
पैसे मिले तो वोट देने जाता है भूख से मरता आदमी
हर छोटे बड़े नगर में झोपड़-पट्टी, गंदी बस्ती करें
‘साध्य’ पूरे होने चाहिए, ‘साधन’ कैसे भी हो, आओ
बलिदानों से बने संविधान की अहमियत सस्ती करें
जरूरी है कि हम, हमारे बेटे, पोते, पड़पोते करें राज
गरीबों की फाइल में न पूरे होने वाले ख्वाब नश्ती करें
पेट खाली रहेगा तो लोग हमें अन्नदाता मानेंगे
जनता को दो वक्त की दाल रोटी के लिए तरसती करें
लात मुक्को से संसद में अवाम की सरपरस्ती करें
पैसे मिले तो वोट देने जाता है भूख से मरता आदमी
हर छोटे बड़े नगर में झोपड़-पट्टी, गंदी बस्ती करें
‘साध्य’ पूरे होने चाहिए, ‘साधन’ कैसे भी हो, आओ
बलिदानों से बने संविधान की अहमियत सस्ती करें
जरूरी है कि हम, हमारे बेटे, पोते, पड़पोते करें राज
गरीबों की फाइल में न पूरे होने वाले ख्वाब नश्ती करें
पेट खाली रहेगा तो लोग हमें अन्नदाता मानेंगे
जनता को दो वक्त की दाल रोटी के लिए तरसती करें

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