वो माँ बाप के झगड़े में उजड़ा हुआ बेटा है
उससे कुछ मत कहो, वो बिगड़ा हुआ बेटा है
अब भी रात में जाग उठता है वो चींखकर
खतरनाक काली यादों में जकड़ा हुआ बेटा है
आँखों में लाल डोरे होठों पे सिगरेट के निशाँ
वक्त से बहुत पहले बहुत बड़ा हुआ बेटा है
खुद को संभालना चाहा पर संभाल नहीं पाया
औरों से ज्यादा स्वयं से लड़ा हुआ बेटा है
वही हुआ जो ऐसे मामलों में होता है
जेल में सलाखों के पीछे खड़ा हुआ बेटा है !!?!!

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