तुमने तिल का ताड़ बनाकर खेल ख़तम कर दिया मम्मी पापा
चार दिन की जिन्दगी में गम ही गम कर दिया मम्मी पापा
कितने अधिक पढ़े लिखे हो तुम, दसियों डिग्रियों से लदे फदे
जिंदगी में ढाई आखर का ज्ञान क्यों कम कर दिया मम्मी पापा
यूँ तो सबको शान्ति का सबक देते हो मंथन में, अभिव्यक्ति में
क्यों एक दूसरे के लिए खुद को ऐटम बम कर दिया मम्मी पापा
व्यर्थ गये सैकड़ों उपनिषदों के शान्ति के हज़ारों संदेश सभी
जरा सी बात पर माहोल कितना गरम कर दिया मम्मी पापा
मैं कैसे सीखता प्रीत का ककहारा और रिश्तों की गरिमा
तुम्हारी लड़ाइयों ने मुझे ढीठ और बेशरम कर दिया मम्मी पापा !!?!!

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