तुम्हें देखें, तो ये ख्याल आता है कि खुदा है
ये रेशम रेशम सा वजूद बताता है कि खुदा है
तुम्हारी साँसों से महकी है फूलों की कलियाँ
तुमसे लिपटकर हर भंवरा गाता है कि खुदा है
क्या पाया है रंग-रूप, नाक-नक्श और यौवन
मुस्कुराता हुआ हर अंग जताता है कि खुदा है
पत्थर को देख लो तुम तो वो आदमी हो जाये
तुम्हारा हर इशारा पैगाम लाता है कि खुदा है
इबादत करता है पाक मोहब्बत की और
ये सोचकर तुम्हें दिल में बसाता है कि खुदा है...!!?!!
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