दौलत में तो नहीं है, सुख को कहीं और तलाश प्यारे
‘अम्बानियों’ के यहाँ अँधेरा, झोपड़ी में है उजास प्यारे
रिश्ते मुस्कुराएँ तो घर भी खिलखिलाता है तबियत से
‘उसका’ तुझमें और तेरा ‘उसमें’ हो अटूट विश्वास प्यारे
तू लगे चन्दन तेरे होने भर से महक उठे ‘ये’ ‘वो’ सब
इर्ष्या, द्वेष, दुर्भावना, कटूता से ले ले तू अवकाश प्यारे !!
हीरे-जवाहरात के ढेरों के बीच तड़फ-तड़फ कर मर गये
बताता है ये कड़वा सत्य ‘गजनवियों’ का इतिहास प्यारे
‘पैरों’ से ज्यादा ‘दिल’ नाजुक होता है अपनों का
बहुत चुभती है यह, मत कर उलजुलूल बकवास प्यारे !!?!!
‘अम्बानियों’ के यहाँ अँधेरा, झोपड़ी में है उजास प्यारे
रिश्ते मुस्कुराएँ तो घर भी खिलखिलाता है तबियत से
‘उसका’ तुझमें और तेरा ‘उसमें’ हो अटूट विश्वास प्यारे
तू लगे चन्दन तेरे होने भर से महक उठे ‘ये’ ‘वो’ सब
इर्ष्या, द्वेष, दुर्भावना, कटूता से ले ले तू अवकाश प्यारे !!
हीरे-जवाहरात के ढेरों के बीच तड़फ-तड़फ कर मर गये
बताता है ये कड़वा सत्य ‘गजनवियों’ का इतिहास प्यारे
‘पैरों’ से ज्यादा ‘दिल’ नाजुक होता है अपनों का
बहुत चुभती है यह, मत कर उलजुलूल बकवास प्यारे !!?!!

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