यादों की झोली थमाता है और आगे चल देता है
बड़ा नामुराद है वक्त, यह सब कुछ बदल देता है
गर मिले तो सहेजकर रख लो मन में प्यार से
बहुत मुश्किल से समय खुशियों के पल देता है !
धन्यवाद केमरे के आविष्कारक तुझे नमन भी
तू आँखों के सामने यथावत गुजरा कल देता है
हम ही उलझा देते हैं नासमझी में जीवन के अंक
ऊपर वाला तो हर वक्त समीकरण सरल देता है
सैकड़ों आघातों के बाद भी इसलिए जिंदा हूँ
स्मृतियों का ‘मीठा’ अमृत जीने का बल देता है !!?!!

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