सुन तेरी इन हरकतों को मैं माफ़ नही करुँगी ।


आज फिर तूने रुसवाई की,

ये नहीं कहती कि बेवफाई की।

आज फिर तू मुकर गया अपने वादों से

ऐसा नहीं कह रही कि इरादों से।

आज फिर तेरी बातों ने दी है परेशानियां

इन्हें कह भी नहीं सकती तेरी बेमानियां ।

सुन तेरी इन हरकतों को मैं माफ़ नही करुँगी ।

पर ऐसा भी नहीं है कि तुझसे प्यार नहीं करुँगी ।।@||
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