Etihas hi hai इंसा का इतिहास सिमटा है बस यूँ


हर आदमी यहाँ पर प्रदीर्घ कहानी संग्रह है बिट्टो
आँखों की गहराई में खारा पानी संग्रह है बिट्टो
अकेले बैठे इंसा का खामोश रुदन सुनकर देख लो
उपरी चकाचौंध के भीतर वीरानी संग्रह है बिट्टो
एक पंक्ति में इंसा का इतिहास सिमटा है बस यूँ
घात-प्रतिघात की दर्दभरी निशानी संग्रह है बिट्टो
क्या हिसाब करे कोई जीवन की उपलब्धियों का
खुशियों की ओस, दुखों का तूफानी संग्रह है बिट्टो
जिसे मोहब्बत समझे वो अस्ल में तिजारत निकली
केवल किताबों में प्यार के राजारानी संग्रह है बिट्टो
टूटे बंदे, सूखी नदियाँ, प्यासी धरा, मरते पंछी
यहाँ किसके हिस्से रब की मेहरबानी संग्रह है बिट्टो !!?!!
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